गोहाना में संत कबीर दास के निर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि समारोह किया गया आयोजित
गोहाना :-20 फरवरी भजन सम्राट डॉ. समुद्र दास ने कहा कि कबीर दास ज्ञानमार्गी शाखा के महान संत एवं महान समाज सुधारक थे। वह मध्यकाल के एक प्रमुख रहस्यवादी कवि थे। उन्हें संत संप्रदाय का प्रवर्तक माना जाता है और उन्हें गुरु रामानंद की कृपा से आत्मज्ञान तथा प्रभु भक्ति का ज्ञान हुआ।
डॉ. समुद्र दास मंगलवार को शहर के कबीर पंथी मोहल्ला स्थित प्राचीन कबीर चौरा मंदिर में संत कबीर दास के निर्वाण दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने संत कबीर के चित्र पर पुष्प अर्पित करके उन्हें नमन किया।
डॉ. समुद्र दास ने कहा कि संत कबीर अपने समय के महानतम समाज सुधारक थे, जिन्होंने धार्मिक पाखंड, सामाजिक एवं आर्थिक भेदभाव का विरोध किया। उनके अनुसार परम् सत्य अथवा परमात्मा एक हैं, भले ही विभिन्न समुदायों के लोग उन्हें अलग-अलग नाम से पुकारते हैं। उन्होंने परमात्मा को निराकार बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामकुमार माहरा ने की और संचालन आजाद सिंह दांगी ने किया। इस मौके पर कबीर चौरा मंदिर के संचालक महावीर तंवर, सतवीर सिंह, मदन लाल अत्री, बलबीर तंवर, रणधीर सरोहा, राजेश बाजवान आदि मौजूद रहे।


