कृषि विभाग द्वारा पंचकूला में बुलाई बैठक में बीमा वालों के न आने से गोहाना में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे किसान नाराज
गोहाना :-13 फरवरी: फसल बीमा कंपनी की मनमानी किसानों पर भारी पड़ रही है। सरकार ने बीमा कंपनी से किसानों के खातों में न तो फसल खराबे के पैसे डलवाए और न ही कंपनी के खिलाफ पुलिस में एफ.आई.आर. दर्ज करवाई। यही नहीं, कृषि विभाग द्वारा पंचकूला में हुई बैठक में भी बीमा अधिकारी नहीं पहुंचे। मंगलवार को यह विक्षोभ धरने पर बैठक किसानों ने व्यक्त किया।
भारतीय किसान यूनियन चढ़नी ग्रुप के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने कहा कि 2021 और 2022 में जलभराव के चलते हजारों किसानों की फसलें खराब हो गई थी। बीमा कंपनी ने किसानों को खराब हुई फसलों का मुआवजा देने की जगह उनका प्रीमियम वापस कर दिया था।
उन्होंने कहा कि मुआवजे की मांग को लेकर किसान 29 जनवरी से लघु सचिवालय में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। लेकिन सरकार ने अब तक बीमा कंपनी से न तो किसानों के खातों में मुआवजे के पैसे डलवाए और न ही बीमा कंपनी के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की गई।
सत्यवान नरवाल ने कहा कि 12 फरवरी को पंचकूला में कृषि विभाग और बीमा कंपनी के अधिकारियों की बैठक तय की गई थी, लेकिन बीमा कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे ही नहीं। यूनियन की गोहाना तहसील इकाई के उपाध्यक्ष सतीश कुमार, कथूरा खंड इकाई के उपाध्यक्ष सोनू नरवाल और जोगेंद्र बनवासा ने कहा कि किसानों के धरने को 16 दिन पूरे हो चुके हैं लेकिन अब तक उनका कोई समाधान नहीं किया गया है।
किसानों ने कहा कि सरकार किसानों के सब्र का इम्तिहान न ले और उनको आंदोलन तेज करने पर मजबूर न करे। इस अवसर पर रामकिशन, सुरेश, भगत सिंह, महावीर चहल, श्याम, मदन अत्री और रामकुमार कटवाल आदि


