हरियाणा सरकार किसानों के हित में लिए ले रही अहम फैसले, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में खरीदा जाएगा फसलों का एक-एक दाना – कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने जिला की सोनीपत, गोहाना, खरखौदा व गन्नौर मंडियों का किया दौरा, धान खरीद व्यवस्थाओं का लिया जायजा


-अधिकारियों को निर्देश, किसानों की उपज की जल्द कराएं लिफ्टिंग, सरकार खरीदेगी किसानों का एक-एक दाना
सोनीपत,(अनिल जिंदल) 22 अक्टूबर। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने गुरुवार को धान खरीद व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिला सोनीपत की गोहाना, खरखौदा, सोनीपत और गन्नौर अनाज मंडियों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मंडियों में खरीद, उठान सहित अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मंडियों में पहुंचे किसानों से संवाद कर उनकी समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली।
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाए। धान खरीद कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी रखी जाए और किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मंडियों में खरीदी गई धान की फसल की लिफ्टिंग जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए, ताकि मंडियों में उपज का अनावश्यक जमाव न हो और किसानों को अपनी फसल बेचने में सुविधा मिले।
उन्होंने कहा कि अगर खेत मे वास्तविक फसल उत्पादन पोर्टल पर दर्ज मात्रा से अधिक है, तो किसान परेशान न हों। वे संबंधित अनाज मंडी में मंडी सचिव से संपर्क कर अपनी समस्या को बता सकते है। जांच के बाद नियमों के हिसाब से समाधान किया जाएगा। जिससे की वास्तविक उत्पादन के अनुसार खरीद प्रक्रिया को आगे बढाया जा सके।
उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी धान की फसल को अच्छी तरह सुखाकर तथा साफ करके ही मंडी में लेकर आएं। गीली फसल मंडी में लाने से बचें, ताकि खरीद प्रक्रिया में किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि फसल में नमी अधिक होने से खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने मंडियों के निरीक्षण के दौरान धान में नमी (मॉइस्चर) की जांच भी की और खरीद प्रक्रिया से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित नियमों के अनुसार धान की खरीद सुनिश्चित करते हुए किसानों को समय पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं।
उन्होंने पराली प्रबंधन के संबंध में किसानों से अपील की कि वे फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उन्हें मिट्टी में मिलाकर खेत में दबाएं। इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में मदद मिलेगी और आगामी फसल के लिए भूमि की गुणवत्ता बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ कृषि भूमि की उर्वरता के लिए भी लाभकारी है।
इस दौरान एसडीएम गोहाना अंकित कुमार, एमडीएम खरखौदा अमित भारद्वाज, मार्केट कमेटी सोनीपत चैयरमैन अरूण चौहान, मार्केट कमेटी गन्नौर चैयरमैन निशांत छौक्कर, मार्केट कमेटी खरखौदा चैयरमैन आनंद दहिया, मार्केट कमेटी गोहाना चैयरमैन कृष्ण सैनी, डीएफएससी राजेश्वर मुदगिल, मंडी सचिव, जितेन्द्र, सविता जैन, सिकंदर सांगवान, प्रदीप कुमार व अन्य सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


