जैन मुनि जय ने कहा कि जैन संत आप के घर केवल आहार-पानी लेने नहीं आते, आपकी बुराई को भी लेने के लिए आते हैं।
शराब बेचने वालों के महल बन गए और पीने वालों के महल तक बिक गए।
गोहाना :-4 जुलाई : जैन मुनि जय ने गुरुवार की दोपहर कहा कि आप के घर की शोभा शराब और कबाब नहीं, आप का खाना दूध और दही हों। वह बुटाना गांव स्थित जैन स्थानक में प्रवचन कर रहे थे। उन्होंने जोर दे कर कहा कि शराब बेचने वालों के महल बन गए और पीने वालों के महल तक बिक गए।
जय मुनि का चातुर्मास इस बार गोहाना की पुरानी अनाज मंडी के जैन स्थानक में होगा। इसी के निमित्त वह मार्ग में हैं। वह जैन संतों के साथ कुछ दिन के लिए बुटाना गांव के जैन स्थानक में प्रवास कर रहे हैं। दो दिन पहले इसी स्थानक में उनके दर्शन करने के लिए प्रदेश के पंचायत मंत्री महिपाल ढांडा भी आए थे।
संत प्रतिदिन दोपहर के समय प्रवचन कर रहे हैं । गुरुवार के प्रवचन में जय मुनि ने कहा कि शराब सब बुराइयों की जड़ है। जिस घर में यह बीमारी पैदा हो जाती है, उसी घर को पूरी तरह से खोखला बना देती है। उन्होंने जोर दे कर कहा कि आप के गांव में शराब की बू नहीं, देसी घी की खुशबू होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जैन संत आप के घर केवल आहार-पानी लेने नहीं आते, इस बुराई को भी लेने के लिए आते हैं। जय मुनि ने कहा कि जिस भी घर में संतों के चरण पड़ जाते हैं, वह घर शुद्ध हो जाता है। विशेष उल्लेखनीय है कि जय मुनि मूलत: बुटाना गांव के हैं ।


