अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का एक दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम
वैचारिक स्पष्टता के अभाव में आगे नहीं बढ़ सकता कोई संगठन: व्यास

गोहाना :-29 जून : अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (महाविद्यालय और विश्वविद्यालय शिक्षा) की हरियाणा इकाई द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें शैक्षिक महासंघ के 17 जिलों से महाविद्यालय और विश्वविद्यालय शिक्षा से जुड़े प्रमुख 47 शिक्षकों ने भाग लिया ।
शुभारंभ सीता राम व्यास ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि शैक्षिक महासंघ राष्ट्रीयता के भाव को लेकर अपने वैचारिक मंतव्य को लगातार नित नूतन प्रयासों से आगे बढ़ा रहा है। किसी भी संगठन में जब तक वैचारिक स्पष्टता नहीं होगी, तब तक वह निरंतर आगे नही बढ़ सकता है ।
उन्होंने शिक्षक के महत्व को समझाते हुए बताया कि किस प्रकार डॉ सी.वी. रमन ने भारत रत्न पुरस्कार प्राप्त करने में अपनी अनिच्छा जाहिर की क्योंकि उस दिन उनके शिष्य का वायवा था । इस पर राष्ट्रपति द्वारा उनको भारत का सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार भारत रत्न उनके द्वारा बताए गए दिन दिया ।
महासंघ के अतिरिक्त महामंत्री प्रो. नारायण लाल गुप्ता जी ने बताया कि हम वास्तव में क्या थे, कैसे हैं और क्या हो गए, किस प्रकार क्रमबद्ध हमारे मस्तिष्क में विचारों को डाल कर हमारे विमर्श को विकृत मानसिकता में शामिल करने के प्रयास सहस्त्रों वर्षों से हो रहे है ।
प्रो. गीता भट्ट जी ने संगठन कार्य में कार्यकर्ता की भूमिका और मन स्थिति पर बातचीत रखी। महासंघ संगठन मंत्री महेंद्र कपूर ने संगठन के द्वारा आयोजित किए जाने वाले नियमित कार्यक्रमों को विस्तार से बताया। अभ्यास वर्ग में महासंघ के प्रदेश महामंत्री डॉ सतीश कुमार सैनी, सोनीपत इकाई से प्रो.शमशेर भंडेरी, डॉ. राजेश भारद्वाज, डॉ. राजेश ढाका, संदीप आदि ने भाग लिया ।


