गोहाना में गोहाना वासियों ने अहिल्या बाई होलकर की जयंती पर आयोजित समारोह में पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
अहिल्या बाई होलकर ने बनवाए मंदिर, कुएं और बावड़ियां : दांगी
गोहाना :-31 मई : अहिल्या बाई होलकर भारतीय संस्कृति और शौर्य की प्रतीक थीं। उनकी गिनती देश की सबसे कुशल महिला शासकों में होती है। धर्म की सेवा में वह अपने राज्य की सीमाओं तक सीमित नहीं रहीं। उन्होंने अपने राज्य और राज्य से बाहर बड़ी संख्या में मंदिर, घाट, कुएं और बावड़ियां बनवाए।
शुक्रवार को यह टिप्पणी आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने की वह शहर के सेक्टर 7 में स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती पार्क में अहिल्या बाई होलकर की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे थे। उनके अनुसार अहिल्या बाई होलकर न्याय प्रिय रानी थीं।
इसी कार्यक्रम में विश्व धूम्रपान निषेध दिवस पर विस्तारक व्याख्यान हुआ । योगाचार्य डॉ. सुरेश सैनी ने कहा कि कभी दूसरों की देखा-देखी, कभी बुरी संगत में पड़ कर तो कभी धुएं के छल्ले उड़ाने की ललक जैसी आदतें धूम्रपान की लत बनती हैं। धूम्रपान से मुंह, गले, श्वास नली और फेफड़े का कैंसर होता है। धूम्रपान करना दूर, हमें धूम्रपान करने वालों से भी दूर रहना चाहिए।
इस अवसर पर सुरेश पवार, रणधीर राठी, जोगेंद्र मक्कड़, महावीर शर्मा, दयानंद शर्मा, प्रेम कौर, जगमति सैनी, सुनीता सैनी, संतोष, निर्मला, ज्योति आदि भी मौजूद रहे।


