बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए विभाग द्वारा खंड के राजकीय स्कूलों में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। सेहत प्रोग्राम के तहत चलने वाले विशेष अभियान में जहां चिकित्सकों की टीम बच्चों में खून की कमी समेत अन्य बीमारियों का पता लगाने के लिए उनकी जांच करेगी, वहीं शिक्षक भी उनका नियमित रूप से फीडबैक लेंगे। इसके लिए चिकित्सा अधिकारियों ने गोहाना खंड में टीमों का गठन कर लिया है।
बच्चों को पढ़ाई के दौरान ही बेहतर स्वास्थ्य का लाभ और समय रहते उन्हें चिकित्सा संबंधी मेडिकल सुविधाएं देने के उद्देश्य से विभाग ने सेहत कार्यक्रम की शुरुआत की है। इसके लिए शिक्षा विभाग का भी सहयोग लिया जा रहा है। इसी के तहत शिक्षकों को हेल्थ एंड वेलनेस ब्रांड एंबेसडर बनाकर उन्हें बच्चों की देखरेख करने की भी बीते दिनों विभाग द्वारा ट्रेनिंग दी गई थी। अब ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूल पूरी तरह से खुल गए हैं तो विभाग ने बच्चों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
दो चरणों में होगी बच्चों की जांच सेहत कार्यक्रम के तहत खंड के सभी राजकीय स्कूलों में बच्चों की दो चरणों मेंहोगी। पहले चरण में चिकित्सकों की टीम स्कूलों में दौरा करेगी व बच्चों में खून की कमी, दांतों, आंखों व अन्य स्वास्थ्य संबंधी जांच करेंगी। इसके लिए विभाग द्वारा दो टीमों का गठन किया है। हर टीम में दो चिकित्सक, एक एएनएम व एक फार्मासिस्ट को शामिल किया गया है।
गोहाना खंड में इसकी शुरुआत ग्रामीण स्तर पर गढ़ी सराय नामदार खां के राजकीय स्कूल में 17 जुलाई और शहर में छोटूराम चौक स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 19 जुलाई से होगी। इन दोनों स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या अधिक है। उसके बाद दूसरे चरण में हेल्थ एवं वेलनेस ब्रांड एंबेसडर बनाए गए शिक्षकों द्वारा एएनएम की सहायता से खून की कमी, दांतों की जांच, आंखों की जांच, बच्चों की लंबाई और वजन की जांच की जाएगी।
बच्चों की स्कूलों में जांच करने के लिए विभाग द्वारा तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए टीमों का गठन करने के साथ शिक्षा विभाग के अधिकारियों से समीक्षा की जा रही है। मुख्यालय के निर्देशानुसार गोहाना खंड में इसकी शुरुआत 17 जुलाई से होगी। – डॉ. चक्रवर्ती शर्मा, आयुष चिकित्सा अधिकारी, सिविल अस्पताल, गोहाना।



