महाप्रभु वल्लभाचार्य की जयंती का भगवान परशुराम आश्रम में हुआ आयोजन
पुष्टिमार्ग के प्रणेता थे महाप्रभु वल्लभाचार्य : डॉ. समुद्र दास
गोहाना :-4 मई : अध्यात्म में पी.एच.डी. संत डॉ. समुद्र दास ने शनिवार को कहा कि महाप्रभु वल्लभाचार्य पुष्टिमार्ग के प्रणेता थे। वह उनकी जयंती पर सेक्टर 7 स्थित भगवान परशुराम आश्रम में हुए आयोजन के मुख्य वक्ता थे। अध्यक्षता भगवान परशुराम आश्रम के अध्यक्ष सुभाष शर्मा ने की तथा संयोजन आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने किया । डॉ. समुद्र दास ने कहा कि महाप्रभु वल्लभाचार्य भक्तिकालीन सगुण धारा की कृष्ण भक्ति के आधार स्तंभ थे। उनके जीवन का अधिकांश समय वृंदावन, प्रयागराज और वाराणसी में व्यतीत हुआ। उनके 84 शिष्य थे। इनमें प्रमुख सूरदास भी थे । वल्लभाचार्य का जन्म सौम्या जी कूल के तेलंग ब्राह्मण परिवार में हुआ । जयंती समारोह के अध्यक्ष सुभाष शर्मा ने कहा कि वह दर्शन शास्त्र के प्रकांड पंडित थे। उन्होंने अपने जीवनकाल में अनेक ग्रंथों की रचना की । इस अवसर पर रामचंद्र शर्मा, रमेश शर्मा, अश्विनी शर्मा, सत्यनारायण शर्मा, धर्मबीर, कृष्ण, सोमदत्त, जगदीश, राम निवास, रणबीर, दीपक आदि भी मौजूद रहे।


