आधी रात को शॉर्ट सर्किट से भड़की आग में भस्म हो गया गोहाना का गुरुद्वारा श्री कलगीधर साहिब जी
सुखासन में अलमारी में मौजूद श्री गुरु ग्रंथ साहिब के दोनों स्वरूप रहे पूर्ण सुरक्षित, नहीं आई हलकी-सी भी आंच
गोहाना :-2 मई : गुरुवार तड़के शहर के मुगलपुरा स्थित गुरुद्वारा श्री कलगीधर साहिब जी में अचानक भीषण आग लग गई ।
इस अग्निकांड में समूचा गुरुद्वारा भस्म हो गया तथा राख के ढेर में बदल गया। गुरुद्वारा प्रबंधन ने आग बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी बताई। आग को बुझाने के लिए नगर परिषद से फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची।
जले गुरुद्वारे में जहां कुछ भी बाकी नहीं बचा, वहीं श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के दोनों स्वरूप सुखासन साहिब में लोहे की अलमारी में पूर्ण सुरक्षित बने रहे। श्रद्धालु इसे श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का बहुत बड़ा चमत्कार मान रहे हैं।
रात के ठीक एक बज कर पांच मिनट कर समय था । अचानक गुरुद्वारे के मेन गेट का कांच का दरवाजा चटख गया। कांच टूटने की आवाज इतनी तेज थी कि दूर-दूर तक सुनाई दी।
गुरुद्वारे के ऐन सामने राजेंद्र सैनी का घर है। वह अपने घर से बाहर निकले तो सामने धुएं का गुब्बार था।
आग शायद काफी पहले लगी थी तथा अंदर सामान जलने की हीट के चलते मेन गेट का कांच टूट गया। गुरुद्वारे के दो बड़े वेंटीलेटर हैं। उन दोनों से जलने क दुर्गंध युक्त काला धुआं बड़ी तेजी से बाहर निकल रहा था।
राजेंद्र सैनी ने सबसे पहले गुरुद्वारे के सामने स्थित लंगर भवन में हेडग्रंथी सरदार अमरपाल सिंह को जगाया।उसके बाद गुरुद्वारे के अध्यक्ष सरदार प्रीतम सिंह धींगड़ा, उपाध्यक्ष राजेश अदलखा, सचिव नंद लाल चुघ और कोषाध्यक्ष रमन भाटिया को सूचित किया गया। गुरुद्वारा प्रबंधन ने समीप में स्थित पुलिस चौकी को सूचना दी तथा फायर ब्रिगेड को बुलाया गया।
सूचना मिलने पर नगर परिषद की चेयरपर्सन रजनी इंद्रजीत विरमानी के पति इंद्रजीत विरमानी और नगर पार्षद मुकेश देवगन भी पहुंच गए।
आग बुझाने के लिए पहुंचने में फायर ब्रिगेड को कुछ समय लग गया। दरअसल, जिस समय संपर्क किया गया, तब कैलाना खास गांव में भी आग लगी हुई थी तथा गाड़ी वहां गई हुई थी ।
गांव से लौटने के बाद दिक्कत यह आई कि जिस गली में गुरुद्वारा है, वह गली अत्यन्त संकुचित है। ऐसे में फायर
ब्रिगेड की गाड़ी पार्क की साइड से आई तथा उधर से आग बुझाना प्रारंभ किया ।
आग को नियंत्रित करने में घंटा भर लग गया। गुरुद्वारे के पदाधिकारी कह रहे हैं कि आग बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी। उनका तर्क है कि इस के सिवा आग लगने का कोई अन्य स्रोत गुरुद्वारे में नहीं था ।
अग्निकांड में गुरुद्वारा श्री गुरु कलगीधर साहिब जी को 20 लाख से ज्यादा का नुकसान हुआ ।
दीवान साहिब, पालकी साहिब, 32 इंची एल.ई.डी.,म्यूजिक सिस्टम, चार सी.सी.टी.वी. कैमरे और उनका डी.वी.आर., 15 फैंसी सीलिंग फैन, 50 डेकोरेटिव लाइट, कूलर, फर्नीचर समेत परिसर में रखा पूरा सामान जल कर राख हो गया। गुरुद्वारे का चमकता भवन जल कर आग की कालिख में लिपट गया।
गुरुद्वारा श्री गुरु कलगीधर साहिब जी में लगी आग से सामने के दो घर, जो राजेंद्र सैनी और सरदार जगत सिंह के हैं, को भी नुकसान पहुंचा ।
लेकिन गुरुद्वारे से एकदम सटी भूरा बाबा बरसाने वाले पीर की मजार भी पूरी तरह से सही-सलामत रही । श्री गुरु ग्रंथ साहिब को अस्थायी रूप से समीप में स्थित सरदार जगत सिंह के घर शिफ्ट कर दिया गया ।
क्षतिग्रस्त गुरुद्वारे के जीर्णोद्धार के बाद पुन: श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को वहां प्रतिष्ठित किया जाएगा। वैसे इसी भीषण अग्निकांड में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की अपार शक्ति का साक्षी समूचा गोहाना बन गया ।
गुरुद्वारे का सम्पूर्ण सामान और पूरा भवन आग की भेंट चढ़ गया। लेकिन सुखासन साहिब में जहां जिस लोहे की अलमारी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पंजाबी भाषा के दोनों स्वरूप विराजमान थे, वे पूर्ण रूप से सुरक्षित रहे। उनकी लोहे की अलमारी के निकट से मानो आग निकल गई और छू भी नहीं पाई।
प्रत्येक गुरुद्वारे में यह नियम है कि रात को गुरुद्वारे को दर्शन के लिए बंद करते समय श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी सुखासन में एक अलमारी में रख दिया जाता है और उसे सुबह गुरुद्वारे को दोबारा खोलने की बेला में भी वापस पालकी साहिब में स्थापित किया जाता है। हर गुरुद्वारे में एक समय में पंजाबी भाषा के दो स्वरूप उपलब्ध रहते हैं ।
नगर परिषद की चेयरपर्सन के पति और भाजपा दिग्गज इंद्रजीत विरमानी ने कहा कि शुक्रवार से ही मुरम्मत का काम समाज के सहयोग से प्रारंभ कर दिया जाएगा तथा गुरुद्वारे को पहले से भी अधिक भव्य बनाया जाएगा।


