गरुड़ पुराण के भोग का चढ़ावा अब पंडितों को नहीं मिलेगा, यह चढ़ावा अब श्मशान घाट को जाएगा।
गोहाना :-26 अप्रैल : रस्म क्रिया में गरुड़ पुराण के भोग का चढ़ावा अब पंडितों को नहीं मिलेगा। यह चढ़ावा अब श्मशान घाट को जाएगा। यह निर्णय रोहतक रोड पर स्थित बस स्टैंड के समीप स्थित श्मशान घाट की संचालक श्री राम कार सेवा समिति ने किया है। इस निर्णय का पंडित विरोध कर रहे हैं।
श्री राम कार सेवा समिति ने तय कर दिया है कि पंडितों को केवल वह चढ़ावा मिलेगा जो घर की शुद्धि के बाद परिवार व्यक्तिगत रूप से उन्हें देता है। समिति के प्रतिनिधि गुलशन नारंग और मनोज मेहता का तर्क है कि रस्म क्रिया में गरुड़ पुराण के भोग पर जो चढ़ावा आता है, वह चढ़ावा कोई व्यक्ति विशेष नहीं, रस्म क्रिया में आया पूरा समाज देता है।
ऐसे में उस चढ़ावे पर पंडितों का नहीं, अपितु श्मशान घाट का ही अधिकार है। उन्होंने कहा कि पंडितों का हक केवल उस चढ़ावे का है जो सूतक समाप्त होने पर घर की शुद्धि के बाद उन्हें परिवार द्वारा दक्षिणा के रूप में दिया जाता है।
रस्म क्रिया में गरुड़ पुराण के भोग के चढ़ावे को पंडितों को न देने के नए निर्णय का पंडित विरोध कर रहे हैं। उनके प्रतिनिधि पं. ओम प्रकाश का कहना है कि रस्म क्रिया में गरुड़ पुराण के भोग का चढ़ावा आदिकाल से पंडितों का रहा है तथा इस पर केवल उन्हीं का अधिकार है। यह चढ़ावा श्मशान घाट में नहीं जाना चाहिए अपितु पहले की तरह से उसे पंडितों को ही दिया जाना चाहिए।


