गोहाना के सुनील मेहता ने की घोषणा : यू. पी. एस. सी. की परीक्षा की तैयारी के लिए योग्य बच्चों की करेंगे सहायता
गतिमान रथ के साथ विपरीत दौड़ते हुए हनुमान जी ने सूर्य से ग्रहण की थी शिक्षा : डॉ. प्रेमानंद

गोहाना :-24 अप्रैल : सूर्य का रथ कभी ठहरता नहीं। वह सदैव गतिमान रहता है। हनुमान जी के गुरु सूर्य थे। उन्होंने सूर्य के गतिमान रथ की विपरीत दिशा में दौड़ते हुए उनके सामने मुख कर उनसे शिक्षा ग्रहण की थी। यह खुलासा मेन बाजार के सनातन धर्म मंदिर में तीन दिन से जारी हनुमान जन्मोत्सव और संत सम्मेलन के अंतिम दिन हरिद्वार के स्वामी डॉ. प्रेमानंद ने किया । उन्होंने हनुमान जी को भगवान शिव का अवतार बताया । उन्होंने कहा कि भगवान राम की सेवा करने के लिए शिव ने ही हनुमान का अवतार लिया था । विशिष्ट वक्ता स्वामी दिव्यानंद पुरी ने कहा कि हनुमान जी कृपा की वर्षा में भीगना चाहते हो तो अहंकार को दिल से बाहर का रास्ता दिखा दो ।
समापन सत्र की अध्यक्षता मंदिर के अध्यक्ष संजय मेहंदीरत्ता ने की। मुख्य अतिथि गोहाना नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन सुनील मेहता थे। उन्होंने ऐलान किया कि यू.पी.एस.सी. में गोहाना की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए वह सिविल सेवा की परीक्षा की तैयारी के लिए योग्य बच्चों की निजी तौर पर पूरी मदद करेंगे।
अतिथि रूप में रिंकू आहूजा, मदन मेहता, रमेश खुराना, अनिल जैन, राम नारायण तनेजा, विजय मग्गो, रमन कत्याल, सतीश परुथी, संदीप जांगड़ा, हरीश परुथी, मोहन बजाज, एडवोकेट एस.एस. मिगलानी, अरुण बड़ौक और प्रवीण खुराना भी पहुंचे।
श्रीरामदूत संकीर्तन मंडल ने भजनों के माध्यम से हनुमान जी को नमन किया । उत्तर प्रदेश के शामली से आए गायक पवन कपूर के साथ बाल गायक मुकुंद ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया ।
हनुमान जन्मोत्सव का आनंद लेने के लिए नगर पार्षद अंजू कालड़ा के साथ पं. दिनेश कांडपाल, शकुंतला गेरा, रमेश लूथरा, रवि मल्होत्रा, डॉ. मनोज शर्मा, राजेश हसीजा, सी.एल. कथूरिया, गुलशन नारंग, मनोज बजाज, देवेंद्र गेरा, डॉ. प्रदीप खानिजो आदि भी पहुंचे। जन्मोत्सव के आयोजन में सहयोगी संस्थाएं जे. सी. आई. -गोहाना स्टार, श्री श्याम प्यारे मित्र मंडल, जय मां बनभौरी सेवा मंडल, श्री श्याम सरकार सेवा संघ आदि रहे ।


