ईश्वर स्वरूप समझ कर करें संतों का सम्मान : रामसुखदास जी
गोहाना :- 7 अप्रैल : कलानौर के महंत रामसुखदास जी ने रविवार को परामर्श दिया कि संतों को ईश्वर का स्वरूप समझ कर उनका सम्मान करें । वह श्री सति भाई सांई दास सेवा दल की गोहाना इकाई के तत्वावधान में आदर्श नगर स्थित हंसध्वनि ऑडिटोरियम में हुए सत्संग में प्रवचन कर रहे थे । उन्होंने कहा कि संतों का आगमन भी उसी के घर में होता है जिस पर भगवान प्रसन्न होते हैं। अध्यक्षता सेवा दल के इकाई अध्यक्ष हरीश चुघ ने की तथा संयोजन राजीव चुघ और कंवल चुघ ने किया। महंत श्री का आशीर्वाद ग्रहण करने के लिए गोहाना नगर परिषद की चेयरपर्सन रजनी इंद्रजीत विरमानी, सनातन धर्म मंदिर के अध्यक्ष संजय मेहंदीरत्ता, नगर पार्षद अंजू कालड़ा, गोहाना बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र आर्य और पंजाबी महासंघ के अध्यक्ष सन्नी आहूजा के साथ प्रतिष्ठित नागरिकों में रमन कत्याल, सचिन कपूर और
प्रवीण खुराना भी पहुंचे महंत रामसुखदास जी ने अपनी मीठी आवाज में भजन तेरे अहसान का बदला चुकाया जा नहीं सकता भी प्रस्तुत किया । इस अवसर पर खुले भंडारे के साथ नि:शुल्क नेत्र शिविर भी लगाया गया। इस शिविर में पानीपत के डॉ. सी. बी. सिंह 489 नेत्र रोगियों का परीक्षण किया । विशेष सहयोग जगदीश चुघ, मदन नारंग, रवि सिंधवानी, मंगत चावला, प्रवीण चुघ, सोमनाथ वधवा आदि का रहा ।


