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एच.सी.एस.भर्ती परीक्षा में अक्षय नरवाल की 7वीं रैंक

गोहाना :- 12 अक्तूबर :शहर के सेक्टर 7 निवासी अक्षय नरवाल पुत्र संजय नरवाल का चयन एच.सी.एस. अधिकारी के रूप में हुआ है। उनकी प्रदेश में 7वीं रैंक आई है। एच. सी. एस. की चयन सूची जारी होने के बाद जब अक्षय नरवाल गोहाना पहुंचे, तब उनका भव्य स्वागत किया गया। अक्षय नरवाल दूसरे अटेम्प्ट में सफल हुए। वह आई.ए.एस. के लिए भी 5 बार प्रयास कर चुके हैं। छठा और आखिरी प्रयास 2024 में करने की तैयारी कर रहे हैं। नरवाल परिवार मूलत: कथूरा गांव का है। अक्षय नरवाल के चयन से उनके दादा धर्मपाले नरवाल, दादी ओमपति नरवाल, पापा संजय नरवाल, मम्मी सुनीता नरवाल, छोटा भाई शिवम नरवाल, चाचा-चाची संजीत नरवाल और मीनाक्षी नरवाल, सतीश नरवाल और निर्मला नरवाल बेहद खुश हैं

अक्षय के दादा धर्मपाल नरवाल पी.डब्ल्यू.डी. के रिटायर्ड अधिकारी हैं। पापा संजय नरवाल फार्मासिस्ट हैं। उनकी सांपला में एक कम्पनी की दोपहिया वाहनों की एजेंसी है। अक्षय के छोटे भाई शिवम नरवाल ने जॉर्जिया से एम.बी.बी.एस. की है। अक्षय नरवाल की समूची शिक्षा रोहतक के दि संस्कृति स्कूल से हुई। उसके बाद उन्होंने गुवाहाटी स्थित आई.आई.टी. से माइक्रो टेक्नोलॉजी में बी.टेक की। उसके बाद सिविल सेवा की परीक्षा की तैयारी में जुट गए। उन्होंने कोई कोचिंग ग्रहण नहीं की। पूरी तैयारी स्वयं की ।

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अक्षय नरवाल इस समय केंद्र सरकार के श्रम एवं रोजगार विभाग में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के एनफोर्समेंट ऑफिसर हैं। वह दिल्ली में नियुक्त हैं। अक्षय 2022 बैच की एच.सी. एस. परीक्षा में सफल हुए। पहली बार यह परीक्षा 2020 में दी थी। इस बार परीक्षा दी तो चयन होने के साथ उनकी 7वीं रैंक रही।एच.सी.एस. अधिकारी बन जाने के बावजूद अक्षय नरवाल की दिल की तमन्ना आई.ए.एस. अधिकारी बनने की है। अक्षय 5 प्रयास कर चुके हैं। ये प्रयास उन्होंने 2017 से 2022 तक लगातार किए। दो बार प्रारंभिक परीक्षा दी। तीन बार मुख्य परीक्षा के स्तर तक पहुंचे। इन तीन में से दो बार इंटरव्यू को भी फेस किया। आई.ए.एस. के लिए यू.पी.एस.सी. की परीक्षा के 6 अवसर मिलते हैं। अक्षय नरवाल छठा और अंतिम अवसर 2024 में अवेल करेंगे।

परिणाम की घोषणा के पश्चात जब अक्षय नरवाल सेक्टर 7 में अपनी कोठी नंबर 653 पर पहुंचे, तब परिजनों के अलावा प्रतिष्ठित नागरिकों में डॉ. कपूर सिंह नरवाल, सत्यवान कुंडू, नरेश मलिक, ओम प्रकाश मेहरा, राजेंद्र मलिक, राजेश मलिक, अशोक मोर आदि भी उनके स्वागत के लिए पहुंचे। दादा धर्मपाल नरवाल और पापा संजय नरवाल के अनुसार अर्जुन की मछली की आंख की तरह से अक्षय नरवाल का बचपन से एक ही सपना प्रशासनिक अधिकारी बनने का था। उन्हें खुशी है कि उनके खानदान का चिराग अपने सपने को हकीकत में बदलने में सफल रहा।

Khabar Abtak

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