उर्वरक क्षेत्र की नीतियों, प्रौद्योगिकी व प्रबंधन पर चर्चा के लिए जुटे दिग्गज
एसजीटीयू छात्रों का वास्तविक उद्योग कार्यप्रणालियों से हुआ जुड़ाव


गुरुग्राम, (अनिल जिंदल) 18 अगस्त। एसजीटी विश्वविद्यालय, गुरुग्राम के कृषि विज्ञान संकाय ने फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया–नॉर्दर्न रीजन (एफएआई-एनआर) के सहयोग से विश्वविद्यालय परिसर में “उर्वरक क्षेत्र: नीतियां, प्रौद्योगिकियां, प्रबंधन एवं अवसर” विषय पर उर्वरक अभिमुखीकरण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया।
यह कार्यक्रम कृभको (कृषक भारती कोआपरेटिव लिमिटेड) द्वारा प्रायोजित था और इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को समकालीन उर्वरक क्षेत्र, तकनीकी प्रगति, नियामक ढांचे, विपणन एवं लॉजिस्टिक्स, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, आपूर्ति श्रृंखला संचालन तथा उभरते करियर अवसरों की जानकारी प्रदान करते हुए उद्योग-शैक्षणिक जगत के बीच संवाद को मजबूत करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया, नई दिल्ली के महानिदेशक डॉ. सुरेश कुमार चौधरी थे।
उद्घाटन सत्र में एसजीटी विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान संकाय की डीन डॉ. पूजा पंत ने स्वागत भाषण दिया। एफएआई, नई दिल्ली के निदेशक (प्रकाशन एवं जनसंपर्क) डॉ. डी. एस. यादव ने कार्यक्रम का परिचय प्रस्तुत किया तथा एसजीटी विश्वविद्यालय, गुरुग्राम के कुलपति प्रो. बी. जे. राव ने उद्घाटन संबोधन दिया।
कार्यक्रम में उर्वरक क्षेत्र की प्रमुख संस्थाओं के विशेषज्ञों एवं पेशेवरों ने सहभागिता की जिनमें डॉ. तरुणेंदु सिंह, इफको ; डॉ. डी. एस. यादव, एफएआई; डॉ. संतोष चंद्र भट्ट, सीएफक्यूसी एंड टीआई, फरीदाबाद; अजय सेतिया, यारा फर्टिलाइजर्स, संजय कुमार, एचयूआरएल; उमाकांत त्रिपाठी, जीएसएफसी ; तथा शैलेंद्र सिंह, कृभको शामिल थे।
समग्र चर्चा के दौरान प्रतिभागियों को उर्वरक क्षेत्र की वर्तमान संरचना एवं कार्यप्रणाली, नैनो उर्वरक एवं उभरती प्रौद्योगिकियों, उर्वरक व्यापार के कानूनी एवं नियामक पहलुओं, विपणन एवं लॉजिस्टिक्स, मृदा स्वास्थ्य, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन तथा इस क्षेत्र में करियर एवं रोजगार के अवसरों के बारे में जानकारी प्राप्त हुई। कार्यक्रम की संवादात्मक प्रकृति ने विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों को कक्षा में प्राप्त ज्ञान को वास्तविक उद्योग कार्यप्रणालियों से जोड़ने में सक्षम बनाया। हरिंदर कौशिक, अधिकारी, एफएआई-एन आर, नई दिल्ली ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का सफल आयोजन एसजीटी विश्वविद्यालय की सार्थक उद्योग–शैक्षणिक सहयोग एवं अनुभवात्मक अधिगम को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करता है। साथ ही, इसने विद्यार्थियों को उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद करने और तेजी से विकसित हो रहे कृषि एवं उर्वरक क्षेत्र की गहरी समझ विकसित करने के अवसर प्रदान किए।


