गोहाना के सनातन धर्म मंदिर शिवाला मस्तनाथ में महा शिव पुराण कथा ; एक साथ पांच देवों की उपासना के बिना प्रत्येक पूजा अधूरी, शिव महा पुराण के हवाले से दीदी प्रीति रामानुज ने दी जानकारी
गोहाना :-28 जुलाई : प्रत्येक पूजा तब तक अधूरी रहेगी जब तक आप एक साथ पांच देवों की पूजा नहीं करेंगे। रविवार की शाम को शिव पुराण के हवाले से यह जानकारी व्यास दीदी प्रीति रामानुज ने दी । दीदी प्रीति रामानुज शहर में पुरानी सब्जी मंडी में स्थित सनातन धर्म मंदिर शिवाला मस्तनाथ में इस समय चल रही महा शिव पुराण कथा का वाचन कर रहे थे। मंदिर प्रबंधन ने इस बार इस कथा का आयोजन कांवड़ शिविर के उपलक्ष्य में किया है। अध्यक्षता मंदिर के अध्यक्ष प्रवीण गोयल ने की। मुख्य यज्ञमान समाजसेवी भोला राम वर्मा और उनकी पत्नी सरोज वर्मा रहे।
कथा व्यास ने कहा कि शिव पुराण में मंदिरों के लिए यह प्रावधान किया गया है कि उनमें सर्वप्रथम गणपति, दूसरे नंबर पर मां दुर्गा, तीसरे नंबर पर भगवान शिव, चौथे नंबर पर भगवान नारायण और पांचवें नंबर पर सूर्य की उपासना होगी। जब तक इन पांचों की वंदना नहीं हो जाएगी, तब तक पूजा पूर्ण नहीं हो पाएगी।
दीदी प्रीति रामानुज ने कहा कि आदि देव तीन हैं। ये देव गणपति, शिव और नारायण हैं। सतयुग से कलियुग तक ये तीनों अमर हैं। न इन का कोई आदि है, न अंत। उन्होंने सूर्य भगवान को रोज अर्घ्य देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जो रोज सूर्य को जल अर्पित करते हैं, वे हर क्षेत्र में सफल होते हैं, समृद्धि उनके कदम चूमती है।


