श्रीराम शरणम मिशन के प्रमुख कृष्ण विज जी ने गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर कहा-जिस नैया के खिवैया भगवान होते हैं, वह नैया कभी डूबती नहीं
भरोसा रखना तो पक्का रखना, उसे डोलने मत देना : कृष्ण विज जी

गोहाना :-21 जुलाई : दुख आप को परखते हैं। वे आप की परीक्षा की घड़ी हैं। उस परीक्षा में फेल मत होना । अपना धैर्य बनाए रखना । भरोसा रखना तो पक्का रखना, उसे डोलने मत देना। हमेशा याद रखना कि जिस नैया के खिवैया भगवान होते हैं, वह नैया कभी डूबती नहीं ।रविवार को यह उद्बोधन श्रीराम शरणम मिशन के प्रमुख कृष्ण विज जी ने दिया। वह गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर श्रीराम शरणम मंदिर में प्रवचन कर रहे थे। इस कार्यक्रम में अमृतवाणी का मधुर पाठ गुरु मां रेखा विज जी ने किया |

प्रारंभ में कृष्ण विज जी और रेखा विज जी ने स्वामी सत्यानंद जी और भगत हंसराज जी के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। सत्संग में दिवंगत भगत हंसराज जी उर्फ पिता जी के प्रवचन का एक रिकॉर्डिड वीडियो भी दिखाया गया ।
कृष्ण विज जी ने कहा कि हमारा रोम-रोम सदैव अपने गुरु के प्रति कृतज्ञ रहना चाहिए। उनके अनुसार शांति यदि मिलती है तो वह गुरु चरणों में मिलती है। उन्होंने जोर दे कर कहा कि कभी भूल कर भी यह मत कहना कि हमें कुछ मिला नहीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सिदक अगर पक्का होता है, हम सब कुछ पा लेते हैं। लेकिन अगर सिदक कच्चा होता है, हम हथेलियां मलते रह जाते हैं तथा हमारे पल्ले कुछ नहीं पड़ता। श्रीराम शरणम प्रमुख ने कहा कि किसी भी साधु-संत की असली पहचान उसकी सादगी है । उसे किसी केश, वेश, दिखावे या आडम्बर की आवश्यकता नहीं होती। उनके अनुसार सच्चा संत वह होता है जिसके आप जितने निकट जाते हैं, आप का मन उससे भी ज्यादा उनके निकट जाने का करता है।
कृष्ण विज जी ने कहा कि भावना का कोई मोल नहीं होता, वह अनमोल होती है। उन्होंने कहा कि जिस की रही भावना जैसी प्रभु मूर्त जिन देखी तैसी।


