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नगर निकायों के विकास कार्यों को गति देने के लिए राज्य सरकार ने ऑनलाइन टेंडर की प्रक्रिया में किए हैं अहम बदलाव, 65 लाख से अधिक के टेंडर अब 14 दिन में होंगे फाइनल

नगर पालिका-नगर परिषद के अध्यक्ष के पास भी आएगा ओ.टी.पी., जे.ई. से एस.ई. की टाइम लिमिट होगी फिक्स

गोहाना :-18 जून : नगर निकायों के विकास कार्यों को गति देने के लिए राज्य सरकार ने ऑनलाइन टेंडर की प्रक्रिया में अहम बदलाव किए हैं। 65 लाख या अधिक की लागत के विकास कार्यों के टेंडर अब 14 दिन में फाइनल होंगे जिसके लिए जे.ई. से ले कर एस.ई. तक की टाइम लिमिट नोटीफाई होगी। यही नहीं, अब ग्राम पंचायतों के पैटर्न पर नगर निकायों के अध्यक्षों के मोबाइल फोन पर भी ओ.टी.पी. आएंगे।

मंगलवार को यह जानकारी हरियाणा नगर पालिका एवं नगर परिषद अध्यक्ष एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष और गोहाना नगर परिषद की चेयरपर्सन रजनी इंद्रजीत विरमानी ने दी। उन्होंने चंडीगढ़ में प्रदेश के सी.एम. नायब सिंह सैनी के साथ नगर निकायों की दिक्कतों को लेकर विस्तार से चर्चा की। इस चर्चा में चेयरपर्सन के पति और भाजपा के दिग्गज नेता इंद्रजीत विरमानी भी मौजूद रहे।

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वापसी में जानकारी देते हुए नगर पालिका एवं नगर परिषद अध्यक्ष एसोसिएशन की अध्यक्ष ने बताया कि पहले 65 लाख या अधिक लागत के विकास के कामों के ऑनलाइन टेंडर में 21 दिन का समय लगता था। एसोसिएशन के अनुरोध पर सी.एम. सैनी ने यह समय सीमा घटा कर 14 दिन की कर दी है। यही नहीं, जे.ई., एम.ई., एक्स.ई. एन. और एस.ई. में से कोई भी अब मनमानी नहीं कर सकेगा। उसे अपने लिए तय समय सीमा में ही टेंडर की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना होगा जिसमें विलंब होने पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

रजनी इंद्रजीत विरमानी ने कहा कि ग्राम पंचायत के पैटर्न पर अब नगर पालिकाओं और नगर परिषदों के अध्यक्ष भी टेंडर प्रक्रिया से पूरी तरह से कनेक्ट रहेंगे । नगर निकाय के पोर्टल पर प्रावधान किया जाएगा जिसमें निकाय के अध्यक्ष के मोबाइल नंबर पर ओ.टी.पी. आएगा। उस ओ.टी.पी. को अध्यक्ष द्वारा जे.ई. से शेयर किया जाएगा। इसी क्रम में शहरी धर्मशालाओं और चौपालों, जिन की जमीन की मिल्कियत का कोई सबूत नहीं है, की रिपेयर का काम रेजीडेंट वेलफेयर
एसोसिएशन (आर.डब्ल्यू.ए.) गठित कर उनके माध्यम से करवाने पर सरकार विचार करेगी।

 

नगर पालिका-नगर परिषद के अध्यक्ष के पास भी आएगा ओ.टी.पी., जे.ई. से एस.ई. की टाइम लिमिट होगी फिक्स

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