
गोहाना :-23 जुलाई : नए केंद्रीय बजट पर विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने अलग-अलग प्रतिक्रिया व्यक्त की हैं। गोहाना हलके और बरोदा हलके के कांग्रेस विधायकों ने विक्षोभ व्यक्त किया कि चुनाव वर्ष में भी हरियाणा की समूची उपेक्षा की गई है।

गोहाना हलके के विधायक जगबीर सिंह मलिक ने निराशा जाहिर की कि बजट में हरियाणा की पूरी तरह से अनदेखी की गई है। नई शिक्षा नीति के लिए जी.डी.पी. का 6 प्रतिशत वांछित था। लेकिन प्रस्तावित 4.8 लाख करोड़ जी.डी.पी. का केवल दो फीसदी है। कृषि और सहायक गतिविधियों के लिए 1.52 लाख करोड़ कुल बजट का 3 ही प्रतिशत है। यही नहीं, न किसानों का कर्जा माफ हुआ, न एम.एस.पी. का कोई जिक्र किया गया। विकास के लिए 1.5 लाख करोड़ कुल खर्च का 3 प्रतिशत भर है।

बरोदा हलके के विधायक इंदुराज नरवाल ने कहा कि हालांकि इसी वर्ष हरियाणा विधानसभा के चुनाव होने हैं, ऐसे में आंध्र प्रदेश और बिहार की भांति प्रदेश वासी विशेष पैकेज की बाट जोह रहे थे, लेकिन नए केंद्रीय बजट में प्रदेश की समूची उपेक्षा की गई है। इसी तरह से किसान, मजदूर और खिलाड़ियों के लिए कोई भी प्रावधान नहीं किया गया है। इस बजट से बेरोजगार भी स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उनके लिए बजट में कहीं कोई राहत नहीं है।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और गोहाना के दिग्गज राजनीतिज्ञ कृष्ण दुल्ल ने कहा कि केंद्र सरकार का यह बजट पूरे देश की जनता के लिए कल्याणकारी बजट है क्योंकि बजट में बड़े बुजुर्ग, युवा, महिला व हर वर्ग का ध्यान समान रूप से रखा गया है। इस बजट में सबसे विशेष केंद्र सरकार 4.1 करोड़ युवाओं को रोजगार के लिए पांच योजनाएं लाएगी। आने वाले 5 साल में दो लाख करोड़ रुपये सरकार खर्च करेगी। अगले 5 सालों में 1 करोड़ युवाओं को सरकार इंटर्नशिप प्रदान कराएगी।

गोहाना नगर परिषद की चेयरपर्सन रजनी इंद्रजीत विरमानी ने कहा कि नए केंद्रीय बजट में महिलाओं के लिए 3 लाख करोड़ का प्रावधान किया है। कामकाजी महिलाओं के लिए सरकार हॉस्टल बनाएगी। बेरोजगारी के उन्मूलन के लिए सरकार टॉप-500 कम्पनियों में एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप उपलब्ध करवाएगी। सरकार ने कर्मचारियों को भी 7.75 लाख रुपए तक की आय को टैक्स फ्री कर बहुत बड़ी राहत दी है।

जननायक जनता पार्टी की गोहाना विधानसभा इकाई के अध्यक्ष संदीप भनवाला ने कहा कि नए केंद्रीय बजट ने आम जनता को मायूस किया है। गठबंधन की बैसाखियों पर आई नई सरकार से जनता को उम्मीद थी कि सहयोगी दल महंगाई कम करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और किसानों के लिए विभिन्न ऐलान करने के लिए दबाव बनाएंगे, लेकिन नए बजट में ऐसा कुछ भी नहीं है
जो जनता को रिझा सके।

आम आदमी पार्ट पार्टी के युवा नेता संदीप मलिक ने कहा कि लगातार तीसरी बार सत्तारूढ़ हुई सरकार में बजट नेन किसानों का ध्यान रखा है, न महिलाओं के लिए कोई प्रावधान किया है तथा न ही युवाओं को बेरोजगारी से निजात दिलाने के लिए कोई प्लान प्रस्तुत किया है। बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल है। उद्योग और व्यापार जगत को आशा थी कि जी.एस.टी. के स्लैब में परिवर्तन होगा, लेकिन ऐसा भी नहीं किया गया।

इंडियन नेशनल लोकदल के व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष और पिछले चुनाव में गोहाना हलके से इनेलो प्रत्याशी ओम प्रकाश गोयल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में व्यापारियों को कोई विशेष राहत नहीं दी गई, उल्टा व्यापारियों पर टैक्स का और बोझ लाद दिया गया है। शेयर बाजार में जो भी लाभ होता है, चाहे वह लॉन्ग टर्म हो या शॉर्ट टर्म में, उस पर टैक्स बढ़ा दिया गया है।

आई.एम.ए. की गोहाना इकाई के निवर्तमान अध्यक्ष डॉ. गजराज कौशिक ने कहा कि कैंसर की दवाइयों पर टैक्स ड्यूटी घटाई गई है । इससे ये दवाइयां सस्ती हो जाएंगी। प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना, शोध और एम्स के लिए भी बजट में वृद्धि की गई है। लेकिन नए एम्स स्थापित करने पर बजट मौन है तो प्राइवेट सेक्टर, जिस का चिकित्सा सेवा में योगदान 80 प्रतिशत है, को कोई राहत नहीं दी गई है।
हरियाणा कर्मचारी महासंघ प्रदेश प्रवक्ता कृष्ण मलिक आहुलाना ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार का बजट
कर्मचारियों के लिए पूरी तरह से निराशाजनक रहा है। कर्मचारियों को पूरी उम्मीद थी कि मोदी सरकार 3 अपने प्रथम बजट में पुरानी पेंशन बहाल करेगी और आठवें वेतन आयोग की घोषणा करेंगी। लेकिन सरकार ने इस सहित ऐसी कोई घोषणा नहीं की जो कर्मचारियों को सुकून देने वाली हो ।

गोहाना बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सोनीपत भाजपा के जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह आर्य ने कहा कि मोदी-3 सरकार का बजट जनभावनाओं का सम्मान करने वाला तथा प्रत्येक वर्ग के लिए उपयोगी बजट है। समाज का ऐसा कोई भी तबका नहीं है जिसे कोई राहत नहीं दी गई हो। पी. एम. नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की दूरदृष्टि पर आधारित यह बजट देश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

सी.ए. पारुल गुप्ता ने खुलासा किया कि नए बजट के अनुसार अब के बाद कोई निर्धारण, निर्धारण वर्ष के समाप्त होने के तीन वर्षों के बाद केवल तभी फिर से खोला जा सकेगा जब निर्धारण वर्ष के समाप्त होने से लेकर अधिकतम 5 वर्षों की अवधि तक कर से छूट प्राप्त आय 50 लाख या उससे अधिक हो । सर्च मामलों में भी, दस वर्षों की मौजूदा समय सीमा के स्थान पर सर्च के वर्ष से पहले छह वर्ष की समय सीमा करने का प्रस्ताव है।

सी.ए. कविता धींगड़ा ने कहा कि नए टैक्स रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन को 50 हजार से बढ़ा कर 75 हजार रुपए कर दिया गया है। एल.टी.सी.जी. पर टैक्स 12.5 प्रतिशत होगा। पूंजीगत लाभ के लिए छूट की सीमा 1.25 लाख रुपए प्रति वर्ष निर्धारित होगी। इसी तरह से एस. टी. सी. जी. पर 20 प्रतिशत की दर से टैक्स लगाया गया है |

ओम पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल मनजीत खासा ने कहा कि बजट में शिक्षित बेरोजगारों, शिक्षकों के खाली पड़े पदों और बुनियादी शिक्ष ढांचे की मजबूती की कोई ठोस योजना नजर नहीं आती है । उच्च शिक्षा, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा के लिए बजट में विशेष प्रावधान स्वागत योग्य है । उच्च शिक्षा के लिये दस लाख रुपये तक का ऋण युवाओं को बहुत बड़ी सहायता देगा। शीर्ष कंपनियों में एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप बजट का मुख्य आकर्षण है।

गीता विद्या मंदिर के प्रिंसिपल अश्विनी कुमार ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में केंद्र सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण युवाओं के लिए कौशल विकास के लिए कई योजनाएं प्रस्तुत की हैं। इससे लाखों युवाओं को नए-नए ट्रेनिंग कोर्स करने के लिए एक अच्छा अवसर प्राप्त होगा। कौशल रोजगार को बढ़ावा मिलेगा जिससे युवा शक्ति स्वरोजगार के माध्यम से नौकरियां मांगने नहीं, देने वाली बन सकेगी।

आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने कहा कि सामाजिक संगठनों को उम्मीद थी कि मोदी सरकार -3 अपने प्रथम बजट में उनके लिए आकर्षक प्रावधान करेगी। लेकिन लगता है कि हमेशा की तरह से इस बार इस दिशा में सोचा तक नहीं गया है।



